वीणा एक ब्रह्माण्डीय यन्त्र-मन्त्र और तन्त्र

$44.00

Book Title: वीणा एक ब्रह्माण्डीय यन्त्र-मन्त्र और तन्त्र
Subtitle: विचित्र वीणा, भारतीय वीणाओं और तंत्री वाद्यों के सन्दर्भ में
Author: डॉ. राधिका वीणासाधिका
Publisher / Imprint: लोकगाथा प्रकाशन (भारत), संगीत-संस्कृति इम्प्रिंट; Veena Venu Art Foundation के शैक्षिक सहयोग से प्रकाशित
Year of Publication: 2025
Edition: प्रथम संस्करण, 19-11-2025
ISBN: 978-81-962431-9-7
Language: हिंदी
Number of Pages: 270 पृष्ठ
Format: मुद्रित पुस्तक / शोधग्रंथ / संदर्भ-ग्रंथ
Category: भारतीय शास्त्रीय संगीत, विचित्र वीणा अध्ययन, भारतीय तंत्री वाद्य, नाद-दर्शन, यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र, संगीत-अध्यात्म
Intended Readership: संगीतज्ञ, संगीत के विद्यार्थी, शोधार्थी, नाद-योग के साधक, भारतीय तंत्री वाद्यों और वीणा-परंपरा के अध्येता, संगीत-दर्शन, श्रीविद्या, नाद और साधना के गंभीर पाठक

Category:

 

वीणा एक ब्रह्माण्डीय यन्त्र-मन्त्र और तन्त्र वीणा को केवल एक संगीत-वाद्य के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवित ब्रह्माण्डीय संरचना के रूप में देखने वाला एक मौलिक और व्यापक ग्रंथ है। इस पुस्तक में डॉ. राधिका वीणासाधिका ने विचित्र वीणा, भारतीय वीणाओं और तंत्री वाद्यों को भौतिक रचना, नाद, साधना, दार्शनिक अर्थ, तांत्रिक संकेत और आध्यात्मिक अनुभव के एक संयुक्त परिप्रेक्ष्य में रखा है। पुस्तक का केंद्रीय प्रतिपाद्य यह है कि वीणा की देह केवल संरचना नहीं, यन्त्र है; उसका नाद केवल ध्वनि नहीं, मन्त्र है; और उसका अनुशासित वादन केवल कला-अभ्यास नहीं, तन्त्र है। इसी आधार पर ग्रंथ वीणा की बनावट, गट्टे, ओंकार, नादब्रह्म, शब्द-ब्रह्म, श्रीविद्या, श्रीचक्र, शिवलिंग-ज्यामिति, देवतत्त्व, वैदिक वाङ्मय, श्रुति, ऊर्जा और साधना के परस्पर संबंधों की गहरी पड़ताल करता है। यह कृति संगीत, दर्शन, अध्यात्म और भारतीय ज्ञान-परंपरा के बीच एक गंभीर सेतु के रूप में सामने आती है और विचित्र वीणा तथा भारतीय तंत्री वाद्यों पर एक विशिष्ट संदर्भ-ग्रंथ के रूप में प्रतिष्ठित होती है।

Key Highlights:

विश्व-साहित्य में वीणा और भारतीय तंत्री वाद्यों को उनके भौतिक-संरचनात्मक स्वरूप में एक पूर्ण यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र प्रणाली के रूप में संहिताबद्ध करने का प्रथम और अद्वितीय प्रयास।
विचित्र वीणा को केंद्र में रखकर यह स्थापना कि वाद्य की देह यन्त्र, उसका नाद मन्त्र, और उसका अनुशासित वादन तन्त्र है।
ओंकार, नादब्रह्म, शब्द-ब्रह्म, श्रीविद्या, श्रीचक्र और शिवलिंग-ज्यामिति के साथ वीणा के संबंध की गहन व्याख्या।
विचित्र वीणा के गट्टे को नर्मदेश्वर शिवलिंग के रूप में पढ़ने वाली मौलिक तांत्रिक और प्रतीकात्मक दृष्टि।
प्रत्येक अध्याय के अंत में अध्याय-सार, महत्त्वपूर्ण शब्दों एवं अवधारणाओं की परिभाषाएँ, तथा आवश्यक चित्र, आकृतियाँ और आरेख।
भारतीय तंत्री-परंपरा, नाद-दर्शन और साधना-विमर्श पर काम करने वालों के लिए संभावित संदर्भ-कृति।

Foreword / Preface By: पद्मभूषण, ग्रैमी पुरस्कार-विजेता पं. विश्वमोहन भट्ट

Table of Contents Snapshot:

प्रस्तावना
मनोगत
अध्याय 1: वाद्य परिचय
अध्याय 2: ध्वनिब्रह्म-संस्थापनम्
अध्याय 3: प्रवेश सूत्र, यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र का मूल सूत्र
अध्याय 4: नाद सूत्र
अध्याय 5: ॐकार
अध्याय 6: नादब्रह्म
अध्याय 7: शब्द-ब्रह्म
अध्याय 8: मन्त्र: एक जागृत ध्वनि
अध्याय 9: विचित्र वीणा व वीणा एक ब्रह्माण्डीय यन्त्र
अध्याय 10: विचित्र वीणा: ब्रह्माण्डीय मन्त्र
अध्याय 11: ॐकार और वीणा, ध्वनि से ब्रह्म की ओर एक प्रतीक यात्रा
अध्याय 12: विचित्र वीणा: ब्रह्माण्डीय तन्त्र
अध्याय 13: विचित्र वीणा एवं चित्-कुण्ड यन्त्र
अध्याय 14: विचित्र वीणा में श्रीचक्र
अध्याय 15: शिवलिंग और विचित्र वीणा, एक ब्रह्मांडीय प्रतिध्वनि
अध्याय 16: विचित्र वीणा गट्टा (नर्मदेश्वर शिवलिंग), गूँज और ऊर्जा: एक वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि
अध्याय 17: षोडशी श्रीविद्या और विचित्र वीणा
उपसंहार
संदर्भग्रंथ सूची

Availability: मुद्रित रूप में उपलब्ध
Buy / Enquiry: मूल्य ₹3999/- मात्र (ONLY ON THIS WEBSITE)
Contact: लोकगाथा प्रकाशन (भारत)
Additional Note: यह शीर्षक अंतरराष्ट्रीय विचित्र वीणा दिवस, 19 नवम्बर 2025 के अवसर पर प्रकाशित प्रथम संस्करण है। © 2025 डॉ. राधिका वीणासाधिका। सर्वाधिकार सुरक्षित। पाठ, आरेख, चित्र, सारणियाँ, संकल्पनात्मक रेखांकन, लेआउट और ओंकार की विचित्र वीणा रूप-संकल्पना भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कॉपीराइट कानूनों द्वारा संरक्षित हैं। बिना पूर्व लिखित अनुमति के प्रतिलिपि-निर्माण, स्कैन, फ़ोटोकॉपी, डिजिटल अपलोड, पुनर्प्रकाशन, अनुवाद, रूपांतरण, सार्वजनिक संप्रेषण, व्यावसायिक उपयोग तथा AI/data-mining हेतु scraping निषिद्ध है।
Reviews / Endorsements: पं. विश्वमोहन भट्ट ने प्रस्तावना में इस ग्रंथ को संगीत के विद्यार्थियों, नाद-योग के साधकों और गूढ़ दर्शन में रुचि रखने वाले विद्वानों के लिए अमूल्य और महत्त्वपूर्ण कृति माना है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “वीणा एक ब्रह्माण्डीय यन्त्र-मन्त्र और तन्त्र”

Your email address will not be published. Required fields are marked *